Budget 2024: Startups को कई योजनाओं से मिला फायदा, आंत्रप्रेन्योरशिप के जरिए युवा बने रोजगारदाता
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट भाषण देते हुए स्टार्टअप्स की खूब तारीफ की. उन्होंने बताया कि कैसे सरकार ने स्टार्टअप्स को मदद मुहैया कराई और किस तरह स्टार्टअप्स ने रोजगार पैदा करने में एक बड़ा रोल अदा किया.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट भाषण देते हुए स्टार्टअप्स की खूब तारीफ की. उन्होंने बताया कि कैसे सरकार ने स्टार्टअप्स को मदद मुहैया कराई और किस तरह स्टार्टअप्स ने रोजगार पैदा करने में एक बड़ा रोल अदा किया. उन्होंने बताया कि कैसे स्टार्टअप्स किसानों के लिए भी मददगार साबित हुए.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पिछले 10 सालों में भारत की इकनॉमी का बेहतर प्रदर्शन रहा है. स्टार्टअप्स ने किसानों की भी खूब मदद की. यहां उनका इशारा एग्रीटेक स्टार्टअप्स पर था, जो टेक्नोलॉजी की मदद से खेती को बेहतर बना रहे हैं और साथ ही किसानों की पहुंच बड़ी मार्केट तक कर रहे हैं. इससे किसानों की आय बढ़ाने के मोदी सरकार के विजन को मदद मिल रही है.
निर्मला सीतारमण ने कहा कि स्किल इंडिया मिशन के जरिए 1.4 करोड़ युवाओं को ट्रेनिंग दी गई. 54 लाख ऐसे युवा हैं, जिन्हें अपस्किल किया गया यानी उनकी स्किल को बेहतर बनाने का काम किया गया. वित्त मंत्री ने बताया कि पीएम मुद्रा योजना के जरिए पिछले 10 सालों में 43 करोड़ लोन दिए गए, जिनकी वैल्यू 22.5 लाख करोड़ रुपये रही. उन्होंने बताया कि इन सबके जरिए आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दिया गया.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि फंड ऑफ फंड्स, स्टार्टअप इंडिया और स्टार्टअप क्रेडिट गारंटी जैसी स्कीमों की मदद से युवाओं को फायदा मिल रहा है. उन्होंने कहा कि यह युवा रोजगारदाता है. महिला आंत्रप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि 30 करोड़ मुद्रा लोन महिला आंत्रप्रेन्योर्स को दिए गए. वह बोलीं कि कामकाजी महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है. निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि एमएसएमई यानी छोटे, मध्यम और लघु उद्योगों से जुड़ी पॉलिसी भी बनाई गईं, ताकि वह आगे बढ़ सकें. MSME के लिए कारोबार आसान करने पर काम जारी है.
फुटवियर स्टार्टअप Paaduks के फाउंडर अमित जैन ने बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री के विजनरी अप्रोच की तारीफ की. उन्होंने कहा- 'वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए प्रशिक्षण पर जोर दिया, खासकर एमएसएमई, स्टार्टअप और एक्सपोर्ट के मामले में. यह रणनीतिक फोकस दिखाता है कि कैसे सरकार एक एडवांस इकनॉमी बनाने की कोशिश कर रही है, जिसकी प्राथमिकता अधिक रोजगार के मौके पैदा करना है.'
उन्होंने आगे कहा- 'क्षेत्रीय शिल्पकारों को बढ़ावा देने के लिए Paaduks की प्रतिबद्धता के अनुरूप, हम इस प्रगतिशील रणनीति के महत्व को पहचानते हैं। हम मानते हैं कि निरंतर विकास की नींव, नई स्किल्स के साथ एमएसएमई को सशक्त बनाने में छुपी हुई है। हम सरकार की पहलों को देखकर खुश हैं और भरोसा करते हैं कि वे हमारे प्रतिभाशाली कारीगरों की सफलता में योगदान देंगे। सस्टेनेबिलिटी पर इस बार के बजट का फोकस सराहनीय है और हम आशा करते हैं कि आगामी बजट सस्टेनेबिलिटी में योगदान देने वाले ब्रांड्स के लिए एक व्यापक रोडमैप की रूपरेखा तैयार करेगा। साथ मिलकर, हम एक संपन्न और पर्यावरण के प्रति जागरूक आर्थिक परिदृश्य का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।'