दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टो एक्सचेंज है Binance. इस एक्सचेंज के बास सबसे ज्यादा 65 बिलियन डॉलर के क्रिप्टो असेट हैं. इसके फाउंडर हैं Changpeng Zhao, जिन्हें क्रिप्टो प्रेमी CZ के नाम से भी जानते हैं. CZ भी मल्टी-बिलियन डॉलर की संपत्ति के मालिक हैं. Forbes के मुताबिक, Zhao का नेटवर्थ 1,020 करोड़ डॉलर है, और अब वो जेल जा सकते हैं. अगर आप Changpeng Zhao Net Worth सर्च करेंगे, तो आपको दिखेगा कि Changpeng Zhao, चीनी मूल के कनाडाई बिजनेसमैन, निवेशक, सॉफ्टवेयर इंजीनियर और दोषी करार दिए गए मनी लॉन्डरर हैं. हाल ही में झाओ ने Binance के CEO पद से इस्तीफा दिया है, क्यों? क्योंकि सालों से यूएस सरकार की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग के केस में उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोप मान लिए हैं.

लेकिन आरोप क्या हैं?

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यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के मुताबिक, दुनिया का सबसे बड़ा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance.com चलाने वाली एंटिटी Binance Holdings Limited ने ये माना है कि वो मनी लॉन्डरिंग, बिना लाइसेंस के मनी ट्रांसमिशन और नियमों के उल्लंघन में शामिल था. इतना नहीं, यूएस कॉरपोरेट हिस्ट्री में किसी भी अधिकारी पर लगने वाले ये अब तक के सबसे बड़े क्रिमिनल पेनाल्टी हैं.

बाइनेंस पर एक बहुत बड़ा आरोप "Terror Financing" को नजरअंदाज करने का भी है. आरोप है कि फिलीस्तीनी मिलिटेंट ग्रुप हमास से जुड़े कुछ संदिग्ध लेनदेन थे, जिसे बाइनेंस ने रिपोर्ट नहीं किया. ये भी कहा गया है कि बाइनेंस के पास कुछ क्रिप्टो वॉलेट्स जो ऐसे बिटकॉइन वॉलेट्स से इंटरैक्ट कर रहे थे, जो ऐसे ग्रुप्स से लिंक्ड हैं, जिन्हें यूएस और कुछ दूसरे देशों की ओर से आतंकी संगठन घोषित किया गया है, इसमें इस्लामिक स्टेट, हमास, अल-क़ायदा और पैलेस्टाइन इस्लामिक जिहाद का नाम शामिल है.

इसके अलावा भी ढेरों आरोप हैं, जैसे-

बाइनेंस ने बिना KYC चेक के बिलियन डॉलर्स के क्रिप्टो ट्रांजैक्शन किए.

Hyrdra नाम से जाने वाले रशियन डार्कनेट मार्केटप्लेस के साथ बाइनेंस वॉलेट्स के ट्रांजैक्शन हुए.

बाइनेंस के अपने कंप्लाएंस ऑफिसर की ओर से ये कहा गया कि एक्सचेंज के एंटी मनी लॉन्ड्रिंग के जो कंट्रोल्स हैं, वो काफी नहीं हैं, और क्रिमिनल्स को प्लेटफॉर्म पर जगह दे सकते हैं. 

Binance ने क्या कहा है?

बाइनेंस की ओर से एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि एक स्टार्टअप के तौर पर शुरू हुई कंपनी पिछले दो सालों में बहुत तेजी से बढ़ी है, और ग्रोथ जितनी तेज रही, कंपनी खुद को उतनी तेजी से कंप्लाएंट नहीं बना पाई और तेजी से बढ़ते सेक्टर में हमने कुछ गलत फैसले भी लिए और हम इस पुराने चैप्टर की जिम्मेदारी लेते हैं. लेकिन अब सवाल है कि क्या बाइनेंस इस झटके को झेल लेगा? क्या इसकी ग्रोथ जारी रहेगी या क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए ये बड़ी चोट है?

फिलहाल जो अपडेट है, बाइनेंस ने नया CEO हायर कर लिया है. कंपनी के ही एक अधिकारी रिचर्ड टेंग झाओ की जगह ले रहे हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो झाओ के इस्तीफे के बाद, अगले दो दिन में ही 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा का असेट एक्सचेंज से निकाला जा चुका है. लेकिन बाइनेंस को कुछ पॉइंट्स सपोर्ट कर रहे हैं. बैंकरप्ट हो चुके क्रिप्टो एक्सचेंज FTX के उलट बाइनेंस पर पैसों की धांधली करने का आरोप नहीं है, एक्सचेंज के पास सबसे ज्यादा वैल्यू के क्रिप्टो असेट हैं, अगर हर बिटॉकइन होल्डर अपना निवेश निकाल ले, तो भी एक्सचेंज के पास अपने बिटकॉइन्स रहेंगे.

भारत के लिए है बुरी खबर?

इंडियन क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए एक झटका ये इसलिए है क्योंकि जब क्रिप्टो पर टैक्स के नियम लाए गए थे पिछले साल, तो बड़ी संख्या में इन्वेस्टर्स विदेशी एक्सचेंजेज़ की तरफ माइग्रेट हुए, लेकिन पहले FTX और अब Binance का ये मामला बहुत अच्छी खबर तो है नहीं, क्रिप्टो असेट्स के खिलाफ जो सेंटीमेंट है, उसमें एक नई लहर आती दिखाई दे सकती है. भारत के सूचना प्रसारण मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट कर कहा कि बाइनेंस और FTX ये सिखाते हैं कि नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके कानून तोड़ने पर आप डिसरप्टर नहीं, क्रिमिनल कहलाते हैं. उन्होंने ये भी कहा कि 2022 से मोदी सरकार का जो क्रिप्टो पर अप्रोच रहा है, उसने बड़ी संख्या में क्रिप्टो मेल्टडाउन और घाटे से बचाया है.