फेस्टिव सीजन (Festive Season) की शुरुआत हो चुकी है और तमाम ई-कॉमर्स (E-Commerce) साइट पर सेल लगनी भी शुरू हो गई है. इसी बीच Redseer Strategy Consultants की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें कहा गया है कि इस साल फेस्टिव सीजन में ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) 90 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक का आंकड़ा छू सकती है. यह आंकड़ा ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू यानी जीएमवी (GMV) के आधार पर निकाला गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2023 में पिछले साल के फेस्टिव सीजन की तुलना में 18-20 फीसदी अधिक सेल (Sale) होगी. 

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रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 14 करोड़ ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोग हैं. उम्मीद है कि इस फेस्टिव सीजन वह कम से कम एक बार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर सकते हैं. साल 2023 ई-कॉमर्स फेस्टिव मंथ सेल्स का 10वां साल होगा. इस साल उम्मीद की जा रही है कि सेल्स अच्छी रह सकती है, क्योंकि कोविड-19 के बाद अब अर्थव्यवस्था काफी उबर चुकी है. इससे पहले बाजार ने करीब 3 सालों तक सेल्स में तगड़ा स्लोडाउन देखा है.

PFCE ग्रोथ रेट वापस 9 फीसदी पर पहुंची

रिपोर्ट के अनुसार कोरोना काल से पहले Private Final Consumption Expenditure (PFCE) की ग्रोथ रेट साल दर साल के आधार पर 8-9 फीसदी के बीच थी. हालांकि, कभी कोरोना वायरस तो कभी रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से बाजार को लगातार झटके लगने की वजह से ये गिर गई थी. 2023 की पिछली कुछ तिमाही में भी टाइट लिक्विटी की वजह से कंजम्पशन कम रहा. वहीं अब PFCE ग्रोथ रेट वापस 9 फीसदी पर आ चुकी है. ब्यूटी और पर्सनल केयर, होम और जनरल मर्चेंडाइज, फैशन जैसी कैटेगरी में सबसे ज्यादा शॉपिंग हो सकती है. 

क्या बोले Redseer के पार्टनर?

Redseer Strategy Consultants के पार्टनर Mrigank Gutgutia ने कहा पिछली कुछ तिमाहियों में हमने इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा अन्य कैटेगरी से भी तगड़ी डिमांड देखी है. फेस्टिव सीजन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक आइटम बहुत ज्यादा बिकते हैं, लेकिन अब और भी कैटेगरी के आइटम बिकने लगे हैं. उन्होंने कहा कि यह ईकोसिस्टम के लिए बहुत अच्छा है, क्योंकि ये दिखाता है कि ग्राहक कई कैटेगरी में ऑनलाइन शॉपिंग करना चाहते हैं और अधिक ब्रांड उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए आगे आ रहे हैं. Redseer को ये भी उम्मीद है कि इस फेस्टिव सीजवन अलग-अलग टीयर के शहरों से भी ग्रोथ देखने को मिलेगी.