हर इंसान की जिंदगी में शादी काफी महत्वपूर्ण है. जब आप शादी करते हैं तो एक तरह से आप जिंदगी की नई शुरुआत कर रहे होते हैं. आपको एक नई जिम्मेदारी का एहसास होता है. ये शुरुआत बेहतर हो इसके लिए आपको अपनी वित्तीय या फाइनेंशियल लापरवाही पर विशेष तौर पर ध्यान देना होगा. शादी के बाद आपको आर्थिक तौर पर आपको मजबूत होना जरूरी है. अगर आप पैसों के मामले में लापरवाह हैं और शादी करने जा रहे हैं तो आज से ऐसी लापरवाही करना बंद कर दें. पैसों को लेकर आपको विशेष योजना बना कर चलना होगा. आइए यहां हम चर्चा करते हैं कि किन बातों का ध्यान रखें और किन गलतियों को दोहराने से बचें.

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

आय और खर्च करने की आदत जान सकें तो बेहतर

वित्तीय सलाहकारों का मानना है कि हो सके तो शादी से पहले यह जानने की कोशिश करें कि आपके जीवन में जुड़ने वाले शख्स की आय और उसके पैसे खर्च करने की कैसी आदत है. कुल मिलाकर उनकी वित्तीय जिंदगी के बारे में पता लगा सकें तो यह बेहतर होगा. मुंबई की एक वित्तीय सलाहकार का कहना है कि अगर एक खर्चीला हो तो दूसरे में बचत करने की आदत जरूर होनी चाहिए. यह ज्यादा अच्छा होगा अगर आप शादी से पहले पैसों के निवेश या रिटायरमेंट लक्ष्य को ध्यान में रख सकें.

गलत शुरुआत से बचें

शादी का दिन किसी भी इंसान के लिए एक बेहद यादगार और खूबसूरत पल होता है. कई जोड़े अपनी शादी में क्षमता से ज्यादा खर्च कर देते हैं. इससे बचना चाहिए. वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि आपको ऐसे खर्च नहीं करने चाहिए जो आपकी क्षमता से बाहर हो. इस तरह के खर्च का मतलब है कि वैवाहिक जीवन की शुरुआत में ही आप वित्तीय दबाव महसूस करने लगते हैं. शादी में खर्च के लिए बड़ा कर्ज लेने से बचना चाहिए. लोग इसके लिए क्रेडिट कार्ड से जोरदार खरीदारी और पर्सनल लोन तक भी लेने से नहीं चूकते. आपको अपनी शादी से कम से कम एक साल पहले से बचत करनी शुरू कर देनी चाहिए, ताकि शादी में आप अपनी जरूरतों के लिए खर्च कर सकें. अगर आपके पास पैसे कम पड़ रहे हों तो आप परिवार में या रिश्तेदारों से मदद ले सकते हैं.

अपने दस्तावेज को अपडेट रखें

जब आप शादी कर लेते हैं तो आपको अपने सारे दस्तावेज चाहे वो किसी भी तरह के हों, अपडेट कर लें. यह जरूरी है ताकि आप अपने जीवनसाथी को जहां चाहें नॉमिनी के रूप में शामिल कर सकते हैं. इसमें जीवन बीमा से लेकर अन्य दस्तावेज शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा आपको अपना पता वाला दस्तावेज अपडेट करना चाहिए, क्योंकि आपको किसी भी निवेश या बैंक खाते में इसकी जरूरत पड़ जाए. इसी तरह अगर शादी के बाद जीवनसाथी का नाम बदल जाए तो इसके दस्तावेज भी तैयार रहने चाहिए.

जीवन कैसे जीना है इसका फैसला

शादी के बाद बात आती है कि आप दोनों को जीवन कैसे चलाना है. लाइवमिंट की खबर के मुताबिक, वित्तीय सलाहकार कहते हैं कि कई बार देखा जाता है कि जब दोनों लोग नौकरी करते हैं तो वे अपनी अपनी वितीय पहचान को बनाए रखना चाहते हैं. लेकिन समझदारी इसी में है कि दोनों को एक टीम की तरह काम करना चाहिए. दोनों को घरेलू खर्चों और परिवार की छुट्टियों के लिए बराबर भागीदारी देनी चाहिए भले ही आप व्यक्तिगत तौर पर अपनी वित्तीय पहचान बनाए रखना चाहते हों. इससे दिक्कत नहीं आएगी.

कई मामलों में देखा जाता है कि पत्नी की आय से घर चलता है और पति की आय निवेश की जाती है. अगर दुर्भाग्य से शादी टूट जाए तो पत्नी को अपने अकाउंट में कुछ नहीं मिलेगा. अगर आप का अलग अकाउंट है तो आप दस्तावेज पर सह-स्वामित्व (को-ऑनर) के रूप में शामिल हो सकते हैं. हालांकि दोनों को जिंदगी में समझदारी के साथ तालमेल बिठाकर चलना चाहिए ताकि कोई परेशानी आए ही नहीं.