Karnataka Election Result 2023: कर्नाटक में इन मुद्दों ने चलाया जादू, जिसके दम पर कांग्रेस पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा किया पार
Karnataka Election Result 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सभी 224 सीटों के लिए मतगणना जारी है और रुझानों में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है.
Karnataka Election issue 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सभी 224 सीटों के लिए मतगणना जारी है और रुझानों में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. अब तक कांग्रेस 137 सीटों पर आगे चल रही है. कर्नाटक की 224 सीटों के लिए 10 मई को मतदान हुए थे और 73.19 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने वोट डाले थे. इसके साथ ही राहुल गांधी की भारत जोड़ों यात्रा और चुनावी मुद्दों की काफी चर्चा हो रही है. तो चलिए जानते हैं कि इस बार चुनाव में कौन से मुद्दे ने कमाल दिखाया है और कौन से मुद्दे फेल हो गए हैं.
कर्नाटक चुनाव में खुब उठा भ्रष्टाचार का मुद्दा कांग्रेस ने कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान लगातार बीजेपी सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बात करती रही. चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने कर्नाटक में बीजेपी सरकार के भ्रष्टाचार के मुद्दों को जमकर उछाला और लगातार निशाना साधा. कांग्रेस ने पीएम पर भी साधा निशाना कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर सीधा हमला बोला और इसका फायदा कांग्रेस पार्टी को मिला. कांग्रेस ने बहुमत के आंकड़े 113 सीट को पीछे छोड़ दिया है और 137 सीटों पर पार्टी उम्मीदवार आगे चल रहे हैं. अमूल vs नंदिनी का मुद्दा भी काफी छाया कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान अमूल vs नंदिनी का मुद्दा छाया रहा. इस साल 5 अप्रैल को गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) ने कर्नाटक में अमूल के प्रोडक्ट उतारने की घोषणा की. इस घोषणा के बाद राज्य में यह मुद्दा शुरू हो गया और कर्नाटक के कई नेताओं और लोगों ने विरोध शुरू कर दिया. 40 प्रतिशत कमीशन का मुद्दा कांग्रेस ने कर्नाटक में चुनाव प्रचार के दौरान सबसे बड़ा नारा 40 प्रतिशत कमीशन वाली सरकार का दिया. चुनाव प्रचार के दौरान पोस्टर और रैलियों में इस मुद्दे का खूब जिक्र भी हुआ. कर्नाटक चुनाव में क्या नहीं चला? बजरंगबली का मुद्दा- कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने बजरंगबली का मुद्दा उठाया था और इसके जरिए चुनाव में जीत हासिल करना चाहती थी. दरअसल, कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंग दल पर बैन लगाने की बात की थी, जिसके बाद बीजेपी ने इसे बजरंगबली से जोड़ दिया था. हिजाब विवादकर्नाटक चुनाव के दौरान बीजेपी ने हिजाब विवाद को उठाया था. 31 दिसंबर 2021 को उडुपी के सरकारी कॉलेज में हिजाब पहनकर आई 6 छात्राओं को क्लास में आने से रोक दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शन शुरू हो गया था. हाईकोर्ट ने आखिरकार हिजाब मामले पर अपना फैसला सुनाया और कहा कि हिजाब धार्मिक लिहाज से अनिवार्य नहीं है.
टीपू सुल्तान का मुद्दाकर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान टीपू सुल्तान का मुद्दा भी खूब छाया रहा, लेकिन इसका फायदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) को नहीं मिला.