...इसलिए नहीं बंद हुआ आपका WhatsApp, पेटीएम, एक्सपर्ट ने बताई वजह
दुनियाभर में इंटरनेट बंद होने की खबर ने तहलका मचा दिया था.
अगर हमारा मोबाइल या लैपटॉप इंटरनेट अचानक बंद हो जाए तो क्या होगा? ऐसा कुछ मिनटों या सेकंडों के लिए हो तो निश्चित ही इसके परिणाम गंभीर होंगे. शुक्रवार को दुनियाभर में इंटरनेट बंद होने की खबर ने तहलका मचा दिया था. किस देश पर इसका असर पड़ेगा? कितने करोड़ यूजर प्रभावित होंगे? हर कोई यही सवाल पूछ रहा था. मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि करीब 3 करोड़ यूजर इससे प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि भारत में इसका असर इसलिए नहीं पड़ा क्योंकि सरकार ने फौरी इंतजाम कर लिए थे.
क्या बंदोबस्त किया गया
राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक गुलशन राय के मुताबिक जब इंटरनेट शटडाउन की खबर आई तो हमने पहले ही इंतजाम कर लिए थे. इंटरनेट बंदी का भारत पर इसीलिए असर नहीं पड़ा. एनडीटीवी की खबर के मुताबिक जहां दिक्कत आने का सवाल है, उसके लिए एक्सपर्ट टीम तैयार है.
अपडेशन के लिए बंद किए थे सर्वर
रशिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को 48 घंटे के लिए पूरी दुनिया में कुछ क्षणों के लिए इंटरनेट बंद पड़ने की खबर आई थी. ऐसा डोमेन नेम सर्वर के थोड़ी देर के लिए ऑफलाइन होने के कारण संभव था. यह कदम मेंटेनेंस और अपडेशन के लिहाज से उठाया गया. ICANN (इनटरनेट कॉरपोरेशन फॉर असाइंड नेम्स एंड नंबर्स) का कहना था कि इससे साइबर अटैक की बढ़ती घटनाओं से बचने में मदद मिलेगी.
क्या-क्या दिक्कतें आ सकती थीं
इंटरनेट यूजर्स अगर ऐसे ISP का इस्तेमाल करते हैं, जो आउटडेटेड है तो उन्हें इंटरनेट नेटवर्क को एक्सेस करने में परेशानी आने की आशंका थी. वेब पेज ऐक्सेस करने या कोई ट्रांजेक्शन भी रुक सकता था. इंटरनेट यूजर को वेबपेज को खोलने या लेन-देन करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था.
आईकैन करती है नेटवर्क सिक्योरिटी
मेन्टेनेंस का काम करने वाली ICANN (इनटरनेट कॉरपोरेशन फॉर असाइंड नेम्स एंड नंबर्स) दुनिया भर में इंटरनेट नेटवर्क के रख रखाव और सिक्योर करने का काम करती है. इसके अलावा यही ऑर्गनाइजेशन IP अड्रेस स्पेस, प्रोटोकॉल पैरामीटर, DNS मैनेजमेंट और रूट सर्वर सिस्टम मैनेजमेंट फंक्शन का काम करती है. यह ऑर्गनाइजेशन सेंट्रल इंटरनेट ऐक्सेस का टेक्निकल मेंनटेनेंस का काम करता है.