इंडियन रेलवे (Indian Railway) की मिनीरत्‍न कंपनी आईआरसीटीसी (IRCTC) का IPO 30 सितंबर को लॉन्‍च होगा. आईपीओ का प्राइस बैंड 315 रुपए से 320 रुपए तय किया गया है. आईपीओ के जरिए भारत सरकार की कंपनी में 12.5 परसेंट हिस्सा कम होगा और कंपनी को कोई पूंजी नहीं मिलेगी.

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कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर एमपी मल्ल के मुताबिक 1 सितंबर से टिकट बुकिंग पर सर्विस चार्ज शुरू होने से कंपनी का रेवेन्यू बढ़ेगा और मार्जिन में बढ़ोतरी होगी. दो रूट्स पर शुरू हो रही प्राइवेट ट्रेन को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है और भविष्य में कंपनी ट्रेन ऑपरेशन में दिलचस्पी दिखाएगी.

क्‍या हैं संभावनाएं

-OFS है, पूरी पूंजी सरकार के पास जाएगी

- प्राइवेट ट्रेन का अच्छा रिस्पॉन्स मिला

- किराया तय करने से लेकर सभी स्वायत्ता मिली

- भविष्य में कई और ट्रेन में दिलचस्पी रहेगी

- 2016 में सर्विस चार्ज बंद किया था तो टिकटिंग रेवेन्यू घटा

- 1 सितंबर से सर्विस चार्ज दोबारा शुरू, मार्जिन बढ़ेंगे

- रेल नीर में 15% का मार्जिन, 10 नए प्लांट खोलेंगे

- IRCTC के प्लेटफार्म पर नई सेवाएं शुरू होगी

- रेल कैंटरिंग में 5% तक की ग्रोथ, 1100 करोड़ रेवेन्यू

- भविष्य में ट्रेन ऑपरेशन में पर दिलचस्पी रहेगी

सेबी को भेजा गया प्रस्‍ताव

सरकार IRCTC के आईपीओ से 650 करोड़ रुपए जुटा सकती है. सरकार ने अगस्‍त में IRCTC के IPO का प्रस्‍ताव बाजार नियामक सेबी को भेजा था. IPO आने के बाद सरकार की कंपनी में हिस्‍सेदारी घटकर 12.5% पर आ जाएगी.

कैसे रहे नतीजे

IRCTC का कारोबारी साल 2019 में राजस्‍व 1899 करोड़ रुपए था, जो पिछले कारोबारी साल से 25% अधिक था. कंपनी का बीते साल प्रॉफिट भी 23.5 बढ़ गया था. कंपनी की टिकटिंग वेबसाइट पर रोजाना 72 लाख लॉगिन होते हैं. सरकार ने 1999 में इस कंपनी को बनाया था. उसे 2008 में मिनीरत्‍न का दर्जा मिला.