Credit Card का चलन बीते कुछ सालों में काफी तेजी से बढ़ा है. ये काफी सुविधाजनक है. अगर आपके पास पैसे नहीं हैं, तो आप क्रेडिट कार्ड की मदद से जरूरत को पूरा कर सकते हैं. क्रेडिट कार्ड से आप जो भी राशि खर्च करते हैं वो एक लोन की तरह होती है. लेकिन इस लोन को चुकाने के लिए आपके पास ग्रेस पीरियड होता है. अगर आप उस ग्रेस पीरियड में लोन चुका देते हैं, तो आपको क्रेडिट कार्ड से खर्च की गई रकम पर ब्‍याज नहीं देना होता. 

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लेकिन अगर ये ग्रेस पीरियड मिस हो गया और आप लोन की रकम की भरपाई नहीं कर पाए तो आपको अच्‍छा खासा ब्‍याज देना पड़ सकता है. इस चक्‍कर में व्‍यक्ति कर्ज के जंजाल में उलझता जाता है. अगर आपके साथ कभी ऐसा कुछ हो जाए तो यहां जान लीजिए वो तरीके जो आपको कर्ज के जंजाल से निकालने में मददगार साबित होंगे.

बिल को ईएमआई में कन्‍वर्ट कराएं

अगर आप डिफॉल्टर बन गए हैं और क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं भर पा रहे हैं, तो इससे आपको सिबिल स्‍कोर पर गलत असर पड़ेगा. बेहतर है कि आप क्रेडिट कार्ड बिल को ईएमआई में कन्वर्ट करा लें. ईएमआई का फायदा ये होगा कि आपको क्रेडिट कार्ड बिल की पूरी राशि एक बार में चुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आपका आर्थिक बोझ इससे कम होगा.

टॉप अप लोन

अगर पहले से आपका होम लोन चल रहा है, तो आप उस पर टॉप अप लोन करवा सकते हैं. टॉप अप लोन एक ऐसा लोन होता है, जिसमें बैंक की ओर से आपके पहले से चल रहे लोन पर अतिरिक्त राशि दी जाती है. ये एक तरीके से एड ऑन सुविधा की तरह से होता है जो बैंक अपने ग्राहक को देता है. इससे आप आसानी से क्रेडिट कार्ड के लोन की भरपाई कर सकते हैं.

FD, PPF, LIC पर लोन

अगर आपने FD, PPF, LIC या ऐसी किसी स्‍कीम में निवेश किया है, जिस पर लोन की सुविधा मिलती हो, तो आप इस सुविधा का फायदा ले सकते हैं. इस तरह आपको कम ब्याज पर लोन मिल जाएगा और आप आसानी से क्रेडिट कार्ड का बकाया भुगतान कर सकेंगे. इससे आपका बजट भी नहीं गड़बड़ाएगा.

दूसरे क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर कराएं बैलेंस

अगर आपके पास एक से ज्‍यादा क्रेडिट कार्ड हैं तो आप क्रेडिट कार्ड बैलेंस को दूसरे कार्ड पर ट्रांसफर करवा सकते हैं. इसका फायदा ये होगा कि आपको आपको अलग क्रेडिट पीरियड मिल जाता है. ऐसे में बिना ब्याज में इजाफा हुए आपको पेमेंट करने के लिए एक्सट्रा टाइम मिल जाता है. बैलेंस ट्रांसफर करने के दो तरीके हो सकते हैं. पहला तरीका ये है कि आपको बैंक के कस्टमर केयर पर फोन करना होगा और उनसे बैलेंस ट्रांसफर करवाना होगा. दूसरा तरीका ये है कि आप खुद ही बैंक के ऐप या वेबसाइट से बैलेंस ट्रांसफर कर लें.