प्रोडक्ट असली है कि नहीं, ये पता करना कंज्यूमर की जिम्मेदारी नहीं, कंपनियों की होगी जिम्मेदारी
Consumer Rights day: विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर कंज्यूमर्स अफेयर्स मिनिस्ट्री ने बताया कि कोई प्रोडक्ट असली है या नहीं इसकी जिम्मेदारी ग्राहकों की नहीं है.
Consumer Rights day: विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर कंज्यूमर अफेयर्स के एडिशनल सेक्रेटरी निधि खरे ने कहा कि डिजिटल पेमेंट की संख्या बढ़ी हैं. डिजिटल पेमेंट करने पर कई बार कंज्यूमर्स को फ्रॉड का भी सामना करना पड़ता है. जिसके लिए हम ग्राहकों को जागरूक भी करते रहे हैं.
प्रोडक्ट के क्वालिटी की जिम्मेदारी ग्राहकों की नहीं
निधि खरे ने इस मौके पर कहा कि कोई प्रोडक्ट असली है या नहीं इस बात की जिम्मेदारी कंज्यूमर्स की नहीं है. प्रोडक्ट बेचने वाली कंपनी इस बात के लिए जिम्मेदार हैं कि उनका प्रोडक्ट सही हो. खराब क्वालिटी के आइटम को बेचना दंडनीय अपराध है.
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साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर करें शिकायत
एडिशनल सेक्रेटरी ने कहा कि ग्राहकों को किसी भी तरह के फ्रॉड से बचाने के लिए होम मिनिस्ट्री अन्य एजेंसी के साथ मिलकर कामकर रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड की स्थिति में ग्राहक 2 घंटे के भीतर ही रिपोर्ट करें.
कंज्यूमर अफेयर्स मिनिस्ट्री ने बताया कि नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के लिए जरिए ग्राहकों की लगातार मदद की जा रही है. मिनिस्ट्री की कोशिश रहती है कि 60 दिनों में हर तरह कि शिकायतों का निपटारा किया जा सके.
भ्रामक दावों के खिलाफ हो रही कार्रवाई
उन्होंने बताया कि नए कंज्यूमर कानून के मुताबिक एक ही तरह के मामले आने पर मिनिस्ट्री खुद Suo Moto Action लेते हैं. इसके साथ ही भ्रामक दावा करने वाला विज्ञापनों पर कार्रवाई की गई है. वहीं कई विज्ञापन दाताओं पर 10 लाख रुपये तक का भी जुर्माना लगाया गया है.
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही बदले हुए ई-कॉमर्स (e-commerce) नियम लेकर आएगी. वहीं Flash Sale, Grievance Redressal को लेकर भी उन्होंने कहा कि इसमें कंज्यूमर के हितों को ध्यान में रखा जाएगा.