Basmati Export MEP: बासमती चावल (Basmati Rice) के एक्सपोर्टर्स के लिए बड़ी खबर है. बासमती चावल पर रिवाइज मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) जल्द जारी होगा. सोमवार को एक्सपोर्टर्स और सरकार की बैठक सकारात्मक रही.  शाम को ज्वाइंट सेक्रेटरी कॉमर्स के साथ बैठक में आश्वासन दिया गया है. सरकार रिवाइज एमईपी पर विचार कर रही है. इस पर फैसला जल्द होगा.

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बता दें कि सरकार ने घरेलू बाजार में चावल की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए गैर-बासमती चावल के एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया था. लेकिन बासमती चावल के नाम पर गैर-बासमती चावल का निर्यात हो रहा था. इसलिए सरकार ने बासमती चावल पर 1,200 डॉलर प्रति टन मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) लगा दी थी. सरकार ने शुक्रवार को उसना चावल के निर्यात पर 20% शुल्क अगले साल मार्च 2024 तक बढ़ा दिया था.

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भारतीय चावल निर्यातक संघ (IREF) ने सरकार से सफेद चावल  पर जुलाई में लगाए गए निर्यात प्रतिबंध पर पुनर्विचार करने और निर्यात मात्रा और किसानों दोनों पर नकारात्मक प्रभाव को रोकने के लिए बासमती चावल के मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) को घटाकर 850 डॉलर प्रति टन करने का भी आग्रह किया है.

जल्द रिवाइज हो सकती है बासमती MEP

अंतर मंत्रालयीय बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी संभव है. AIREA समेत अन्य ने APEDA चेयरमैन के साथ अपडेट साझा किया है. फिलहाल सरकार ने सरकार ने Basmati Rice पर मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस नहीं घटाई, अगले आदेश तक MEP 1200 डॉलर प्रति टन ही रहेगी.

मंगलवार को राइस एक्सपोर्टर्स की बैठक में दोबारा खरीद शुरू करने पर चर्चा होगी. जल्द रिवाइज बासमती MEP हो सकती है.