Hindenburg vs Adani Group: कांग्रेस ने अदानी ग्रुप में फैले भ्रष्टाचार की जांच JPC से कराने की मांग की, जानें अपडेट
Hindenburg vs Adani Group: कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 'मोदानी मैजिक' का ताज़ा उदाहरण एक निजी पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी की गरीबी से अमीरी तक की यात्रा है.
Hindenburg vs Adani Group: हिंडनबर्ग के आरोपों के बाद अब अडानी मामले में कांग्रेस ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच कराने की मांग उठा दी है. कांग्रेस (INC) ने बुधवार को अडानी समूह से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए JPC की मांग की. कांग्रेस ने इस मुद्दे पर फिर से जोर दिया है कि JPC की जांच से भ्रष्टाचार, मोनोपॉली और देश के रेगुलेटरी सिस्टम की खामियों का पूरा सच सामने आना चाहिए.
पावर कंपनी की गरीबी से अमीरी तक की यात्रा
कांग्रेस के महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि 'मोदानी मैजिक' का ताज़ा उदाहरण एक निजी पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी की गरीबी से अमीरी तक की यात्रा है. कांग्रेस के मुताबिक, "डायमंड पावर इंफ्रा लिमिटेड को 2018 में बैंकरप्सी कोर्ट में घसीटा गया था. 2022 तक इसे गौतम अडानी के बहनोई ने 501 करोड़ रुपए की कीमत पर खरीद लिया, जबकि कंपनी की मार्केट कैप 1,000 करोड़ रुपए की है."
हिंडनबर्ग ने बुधवार सुबह लगाए नए आरोप
इससे पहले बुधवार को, अमेरिका स्थित शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच के खिलाफ नया आरोप लगाया है. सेबी की होल टाइम चेयरपर्सन रहते हुए उन्होंने 4 कंपनियों से पेमेंट लिया. ये चारों कंपनियां बाजार में लिस्टेड हैं. इनमें महिंद्रा एंड महिंद्रा, ICICI बैंक, डॉ. रेड्डीज और पिडिलाइट शामिल हैं.