भारत में क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrency) के लेकर रेग्युलेटरी अनिश्चितता के चलते बेंगलुरु स्थित बिटक्वाइन एक्सचेंज (Bitcoin Exchange) यूनोकॉन (Unocoin) नकदी और कर्मचारियों की कमी का सामना कर रहा है. बिटक्वाइन एक्सचेंज यूनोकॉन ने हाल में एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों को निकाला है और अब उसके पास केवल 14 कर्मचारी बचे हैं. हालात कितनी तेजी से बदले हैं, इसका अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 100 से अधिक थी और एक समय ये देश का बेस्ट-फंडेड क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज था.

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यूनोकॉन के पास कुछ महीने खर्च चलाने भर के लिए पैसे बचे हैं. कंपनी ने इससे पहले कुछ फंड जुटाने की कोशिश की थी, हालांकि वो कोशिश कारगर नहीं हो सकी.

भारत में बिटक्वाइन एक्सचेंज का भविष्य सुप्रीम कोर्ट के हाथ में है. भारतीय रिजर्व बैंक ने तेजी दिखाते हुए क्रिप्टोकरेंसी कारोबार को बैन कर दिया. अब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में है. समाचार पत्र इकनॉमिक टाइम्स के मुताबिक यूनोकॉन के सीईओ ने बताया, 'हमने पिछले सप्ताह कुछ लोगों से जाने के लिए कहा है, लेकिन भविष्य में हमारा कामकाज जारी रहेगा. हमारे पास कुछ महीने खर्च चलाने के लिए पैसा है और हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करेंगे.'

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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट 29 मार्च को फैसला सुनाने वाला था, हालांकि अब इस फैसले को 23 जुलाई के लिए टाल दिया गया है. इस बीच नियामक अनिश्चितता के चलते भारत में क्रिप्टोकरेंसी कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है. कुछ एक्सचेंज विदेश में चले गए हैं, जबकि कुछ बंद हो गए हैं.