ATM कार्ड और चेक की नहीं पड़ेगी जरूरत, SBI ग्राहकों की सुविधा के लिए कर रहा बड़ी योजना पर काम
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपनी डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है. बैंक की योजना 2 साल में सभी तरह के लेन-देन को एक प्लेटफॉर्म के तहत लाने की है.
देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपनी डिजिटल सेवाओं को बढ़ाने पर ध्यान दे रहा है. बैंक की योजना 2 साल में सभी तरह के लेन-देन को एक प्लेटफॉर्म के तहत लाने की है. बैंक यह काम अपने डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म 'योनो' की मदद से करेगा. योनो एक एकीकृत डिजिटल बैंकिंग प्लेटफॉर्म है जो कि उपयोगकर्ताओं को कई वित्तीय या अन्य सेवाओं की पेशकश करता है. बैंक ने "योनो कैश" सेवा शुरू की है. यह सेवा ग्राहकों को बिना कार्ड इस्तेमाल के एसबीआई के योनो कैश एटीएम से पैसे निकालने की सुविधा देगी.
बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार के मुताबिक योनो प्लेटफॉर्म के जरिए हमारी कोशिश 2 वर्ष में सभी प्रकार के लेन-देन गतिविधियों को 1 प्लेटफॉर्म के तहत लाना है और एक अनूठा डिजिटल यूनिवर्स तैयार करने की योजना है. कुमार ने कहा कि यह पहल डेबिट कार्ड का उपयोग करने से जुड़ी ग्राहकों की चिंताओं को दूर करेगी.
ग्राहक योनो एप पर नकद निकासी की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं और लेन-देन के लिए 6 अंकों का योनो कैश पिन सेट कर सकते हैं. उन्हें अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से लेन-देन के लिए छह अंकों का OTP भी मिलेगा. ग्राहक को पिन और संदर्भ संख्या दोनों की मदद से अगले 30 मिनट में निकासी प्रक्रिया को पूरा करना होगा.
देश में वित्तीय और जीवनशैली सेवाओं का बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने की दिशा में योनो एसबीआई की एक बड़ी छलांग है. यह 85 ई-कॉमर्स कंपनियों से अनुकूलित उत्पादों और सेवाओं की पेशकश करने वाला पहला व्यापक डिजिटल बैंकिंग मंच है.
योनो एसबीआई को नवंबर 2017 में पेश किया गया था. फरवरी, 2019 तक योनो को 1.80 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है और इसके 70 लाख से अधिक सक्रिय यूजर हैं.