सरकारी बैंकों में निदेशक पद की नियुक्तियों के लिए अभ्यर्थियों का चयन करने वाले शीर्ष निकाय बैंक्स बोर्ड ब्यूरो (Banks Board Bureau) ने प्रबंधक पद पर काम कर रहे 75 वरिष्ठ अधिकारियों की सूची बनाई है. इन्हें आने वाले समय में बैंकों में नेतृत्वकारी जगहों पर रखा जा सकता है. बीबीबी ने अपने कार्यों के बारे में एक ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. अक्तूबर 2018 से मार्च 2019 के बीच की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 450 वरिष्ठ प्रबंधकों की एक सूची से ऐसे 75 अधिकारियों को छांटा गया है जो भविष्य में सरकारी बैंकों को वर्तमान और उभरती चुनौतियों का सामना करने में मदद कर सकते हैं. ये अधिकारी भविष्य के लिए इन बैंकों के नेतृत्व की कड़ियां तैयार करने में मदद कर सकते हैं.

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इस समय बीबीबी का नेतृत्व भानु प्रताप शर्मा के हाथ में है. वह कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के सचिव रह चुके हैं. ब्यूरो ने सरकारी बैंकों के ऋण कारोबार के संचालन का ढांचा सुधारने की भी सिफारिश की है ताकि कर्ज की लागत कम हो तथा वितरण व्यवस्था बेहतर हो सके. 

रिपोर्ट में, जोखिम के अनुसार समायोजित आय बढ़ाए जाने को प्रोत्साहन और परिचालन में ढीलेपन को हतोत्साहित किए जाने की सिफारिश की गई है. बोर्ड ने अधिकारियों को उनकी कार्यकुशलता के हिसाब से पारितोषिक दिए जाने की सिफारिश की है. इसके लिए कर्मचारी स्टॉक आप्शन योजना और कार्य के आधार पर प्रोत्साहन जैसी योजना लागू करने का सुझाव है.

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क्या है बैंक्स बोर्ड ब्यूरो

सरकार ने साल 2016 में सरकारी बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों में शीर्ष पदों के लिये उम्मीदवार तय करने का काम-काज देखने के मकसद से ‘बैंक बोर्ड ब्यूरो’ की स्थापना की गई. हालांकि इसके बाद सरकार ने इस संस्थान को और भी जिम्मेदारियां सौंपी. इसमें बैंकों के लिये पूंजी जुटाने की योजना तैयार करने के साथ-साथ व्यावसायिक रणनीति तैयार करना भी शामिल है. इसके पहले अध्यक्ष पूर्व नियंत्रक महालेखापरीक्षक (सीएजी) विनोद राय थे. वर्तमान में बैंक्स बोर्ड ब्यूरो के चेयरमैन भानु प्रताप शर्मा (रिटायर्ड आईएएस, बिहार काडर) हैं.